चावल-दाल,आलू और...मणिपुर हिंसा के दो साल होने पर युवक ने सुनाई दास्तां नमो भगवते कामदेवाय सर्वजन प्रियाय सर्वजन सम्मोहनाय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल हन हन वद वद तप तप सम्मोहय सम्मोहाय सर्वजन मे वशं कुरू कुरू स्वाहा कभी भी अमावस, ग्रहण या किसी भी बुरे महूर्त के समय नहीं मिलना https://maps.app.goo.gl/7R8QDfUdiadsP3BH7