ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:। पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष https://baglamukhimalamantra59371.blazingblog.com/39502856/indicators-on-kaam-bante-bante-ruk-jaate-hain-you-should-know